बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना,online application form,आवेदन फॉर्म, पात्रता

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इस योजना को हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को पानीपत, हरियाणा में की थी। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के नाम से ही स्पष्ट है, की इस  योजना से पूरे जीवन काल में शिशु लिंग अनुपात में कमी को रोकने में मदद मिलेगी। और महिलाओं  के सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों का समाधान होगा।

beti-bachao-beti-padhao-yojana

beti bachao beti padhao yojana तीन मंत्रालय द्वारा कार्य नियमित किया जा रहा है, अर्थात महिला और बाल विकास मंत्रालय,स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय,तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालय। यह योजना मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड पंजाब बिहार दिल्ली राज्य को लक्षित करती है। यह योजना भारतीय परिवारों द्वारा बेटियो की जगह बेटो की जन्म स्थित करने के लिए अबॉर्शन को खत्म करती है।

beti-bachao-beti-padhao-yojana गांव के अस्तित्व सुरक्षा और शिक्षा को सुनिश्चित करती है। नई रिपोर्ट के अनुसार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अस्तित्व में आने से भूर्ण हत्या कम हो गई है।1980 के दशक में भारत में अल्ट्रासाउंड तकनीक की शुरुआत हुई।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना

योजना का नामबेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना
किसने प्रारम्भ की भारत सरकार
लाभार्थी भारत के नागरिक
उद्देश्यलिंगानुपात में सुधार करना
वेबसाइटhttps://wcd.nic.in/bbbp-schemes
साल2022

अल्ट्रासाउंड तकनीक ने हालात पूरी तरह बदल दिया है, बेशक यह तकनीक इसलिए लाई गई थी कि  कि डॉक्टर गहराई से जांच कर सके लेकिन अधिकतर लोगों ने इसका इस्तेमाल भ्रूण लिंग जांच के लिए किया इसलिए हर कोई जन्म से पहले बच्चों का लिंग जांच कर सकता था नतीजा लड़कियों की संख्या घटने लगी। इसी कारण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की नीव पड़ी।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का उद्देश्य;

Beti bachao Beti padhao scheme का मुख्य उद्देश्य लिंग अनुपात में सुधार करना एवं बेटियो को सशक्तिकरण हेतु उच्च शिक्षा के लिए बेटियो को प्रोत्साहित करना है। अभियान का उद्देश्य लड़कियों का जन्म, पोषण और शिक्षा बिना किसी भेदभाव के हो और उसको सम्मान अधिकार मिले। चाहे वह किसी धर्म, जाती और नस्ल की हो। देश के किसी बेटी को अधिकार से उपेक्षित नही रखा जाएगा।

  • लिंग के आधार पर लिंग चयन उन्मूलन को रोकना।
  • बेटियों के समान अधिकार एवं संरक्षण सुनिश्चित करना।
  • बेटियों की शिक्षा एवं भागीदारी सुनिश्चित करना

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के लाभ और विशेषताएं।

  •  Beti Bachao Beti padhao Yojana को हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को हरियाणा राज्य में  आरंभ की थी।
  • बीबीबीपी का उद्देश्य बाल लिंगानुपात छवि में गिरावट के मुद्दे को हल करता है।
  • 26 अगस्त 2016 को ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था।
  • केंद्र सरकार द्वारा इस योजना को वह 2014-15 में निम्न बाल लिंग अनुपात के आधार पर  100 जिलों में आरंभ किया था।
  • महिला बाल विकास मंत्रालय ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को 61 अतिरिक्त जिलों (11 राज्यों) में विस्तारित कर दिया है।
  •  यह योजना महिला और बाल विकास मंत्रालय स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय तथा मानव संसाधन मंत्रालय के संयोजन से संचालित होती है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के लिए अभियान

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एक देशव्यापी योजना है, जिसके  अंतर्गत बेटियों की देखभाल के लिए और उसके उज्जवल भविष्य के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए बेटी के जन्म को जश्न और उत्सव मानने के साथ किया जाएगा।

  • बालिका और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक सामाजिक आंदोलन जागरूकता अभियान का क्रियान्वयन करना।
  • लिंगानुपात वाले जिलों की पहचान कर गहन कार्रवाई करना।

 बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ योजना के लिए BUDGET (बजट)

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत 100 करोड़ के बजट का प्रावधान है। बालिकाओं के सुरक्षा, शिक्षा और निम्न लिंगानुपात या संकटग्रस्त क्षेत्र के लिए मुख्य रूप से व्यय किया जाएगा।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के निगरानी के लक्ष्य;

  • लिंगानुपात की दृष्टि से नाजुक चयनित जिलों में 2 पॉइंट सुधार लाना।
  • माध्यमिक शिक्षा में लड़कियों का नामांकन 82 प्रतिशत तक बढ़ाना।
  •  चयनित जिला में हर स्कूल के लड़कियों के लिए अलग शौचालय उपलब्ध कराना।
  • 5 साल से कम आयु की कम वजन एवं कुपोषण से पीड़ित लड़कियों की संख्या घटाकर लड़कियों की पोषण के स्तर में सुधार लाना।
  • संयुक्त ICDS , NHM , मातृ शिशु सुरक्षा वालों का प्रयोग करके आईसीडीएस का सर्वसुलाभीकरण लड़कियों की उपस्थिति तथा समान देखरेख को सुनिश्चित करना।
  • यौन अपराधों से बालको को संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम 2012 के कार्यक्रम के माध्यम से बेटियों के लिए एक सुरक्षात्मक वातावरण को बढ़ावा देना।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से भ्रूण हत्या में कमी पाई गई है;

अमेरिकी थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर का ताजा अध्ययन बताता है कि 1970 में लिंग जांच तकनीक के आने के बाद भारत में लिंगानुपात में जो अंतर बढ़ना शुरू हुआ था अब वह घटने लगा है, प्यू रिसर्च ने भारत नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का विश्लेषण कर यह निष्कर्ष निकाला है|

रिपोर्ट कहती है कि अब भारतीय परिवारों द्वारा बेटियों की जगह बेटों के जन्म सुनिश्चित करने के लिए obortion तकनीक का प्रयोग करने की संभावना अब पहले से कम हो गई है। अब भारतीय लोग परिवार नियोजन के साथ साथ ल़डका और लड़की में अंतर कम देखने को मिलता है। इसका बहुत बड़ा योगदान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को दिया जाता है।

PMSY योजना ऑनलाइन आवेदन करें

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के लिए लक्षित समूह

प्राथमिक स्तर पर-

  युवा तथा नवविवाहित जोड़े गर्भवती एवं माताएं।

द्वितीयक स्तर पर

– युवा, किशोर (लड़के और लड़कियां) सास- ससुर, चिकित्सा डॉक्टर /प्रैक्टिशनर, निजी अस्पताल, नर्सिंग होम तथा नैदानिक केंद्र

 तृतीय स्तर पर

अधिकारी, कार्यकर्ता, महिला एसएचजी/ समूह, धार्मिक नेता, स्वैच्छिक समूह , मीडिया, चिकत्सा संघ , उद्योग जगत , आम जनता।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के लिए शिक्षा प्रयोजन

  • लगातार विशेष अभियान चलाकर बालिकाओं का व्यापक तौर पर नामांकन सुनिश्चित करने के लिए स्कूल प्रबंधन समितियों को क्रियाशील करना।
  • स्कूलों में बालिकाओं की सहभागिता को प्रोत्साहित करने और स्कूल छोड़ चुकी बालिकाओं को निरंतर फिर से जोड़ने के लिए बालिका मंच स्थापित करना।
  •   स्कूल वापस आने वाली बालिकाओं का स्कूल छोड़ चुकी बालिकाओं से संपर्क करना और वैकल्पिक शिक्षा के विकल्प मुहैया कराना।
  • माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के लिए बालिका छात्रावास का निर्माण।
  •  व्यापक संयुक्त ग्रामीण संपर्क अभियान द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा, पीआरआई और समुदाय, महिलाओं, युवा समूह के माध्यम से बालिकाओं के लिए स्कूलों में क्रियाशील शौचालय का निर्माण सुनिश्चित करना । कस्तूरबा गांधी बाल विद्यालय  (केजीबीवी)  , भवनों का निर्माण, स्कूल छोड़ चुकी बालिकाओं का पुनः नामांकन और उनकी माध्यमिक शिक्षा का दोबारा शुरू करना और उसे पूरा कराना।

आधिकारिक वेबसाइट एवं संपर्क सूत्र

इस योजना के अधिक जानकारी के लिए अधिकारी वेबसाइट https://wcd.nic.in>bbbp-schemes या 011-233866423 पर संपर्क कर सकते है।

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