रवीन्द्रनाथ टैगोर की कहानियाँ pdf | Rabindranath tagore ki Lokpriy Khaniya PDF Download

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Book Name रवीन्द्रनाथ टैगोर की लोकप्रिय कहानियाँ
No. of Pages 103
PDF Size 5.4 MB
Language Hindi
PDF Category Novels
Published/Updated March 16, 2022
Source / Credits https://archive.org/
Uploaded By admin

वीन्द्रनाथ टैगोर की कहानियाँ pdf – रवीन्द्रनाथ हिंदी PDF | Rabindranath Tagore ki Lokpriya Kahaniya PDF

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पुस्तक के बारे में

गुरुदेव के नाम से प्रसिद्ध है रविंद्र नाथ टैगोर जी विश्व विख्यात व्यक्ति माने जाते हैं। वे साहित्य कला जगत की सबसे बड़ी हस्तियों में से एक थे। मां सरस्वती और महालक्ष्मी जी की उन पर अपार कृपा थी। ऐसे महापुरुष तथा अद्वितीय प्रतिभा के धनी कवि साथ में कहानी का नाटक कर्मी समाज सुधारक चित्रकार और मूर्तिकार वित्त है। गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर का जन्म 7 मई अट्ठारह सौ इकसठ को कोलकाता की एक धनी परिवार में हुआ था।

अपनी छोटी सी आयु मात्र 8 वर्ष की आयु में ही रविंद्र नाथ टैगोर ने अपनी पहली कविता की रचना करते थे। उसके पश्चात 16 वर्ष की आयु में उनका काव्य संग्रह मानुषी हो नामक प्रकाशित हुआ जिनका शब्दों में अगर अर्थ किया जाए तो होता है सूर्य का सिंह।

 

 

About The Book:

Rabindranath Tagore, popularly known as Gurudev, is considered a world famous person. He was one of the biggest figures in the literary world. Maa Saraswati and Mahalakshmi ji had immense grace on him. Such a great man and a poet of unique talent, together with the drama worker of the story, social reformer, painter and sculptor Finance. Gurudev Rabindranath Tagore was born on 7th May 1816 in a wealthy family of Kolkata.

Rabindranath Tagore composed his first poem at the age of just 8. After that, at the age of 16, his poetry collection was published named Manushi Ho, which if interpreted in words means the lion of the sun.

Other information

टैगोर ने अपनी हर एक कला में पूरे विश्व में सिद्धि प्राप्त कर ली थी। साहित्य के क्षेत्र में भारत के प्रथम नोबेल पुरस्कार लाने वाले व्यक्ति बने।

 

उनके विश्व प्रसिद्ध बनने में उनकी सबसे अधिक रचना सबसे सुप्रसिद्ध रचना गीतांजलि है। और गोरा और घर बाहर नामक उपन्यास ने उनकी प्रसिद्धि में चार चांद लगा दिए।

 

8 दिसंबर 1883 को टैगोर का विवाह मृणालिनी देवी से हुआ।

रविंद्र नाथ टैगोर ने एक ऐतिहासिक कहानियों का संग्रह तैयार किया जिसे गोल्फ आगूचा नाम दिया गया और यह तीन खंडों में प्रकाशित हुआ।

 

गुरुदेव के दो गीत राष्ट्रीय गीत बने जिनमें हमारे भारत का राष्ट्रगीत जनगणमन तथा बांग्लादेश का राष्ट्रीय गीत अमर सोनार बांग्ला है।

 

गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर को 14 नवंबर 1913 को उनकी रचना गीतांजलि के लिए नोबेल पुरस्कार Nobel Price मिला।

 

रविंद्र नाथ टैगोर का देहांत 7 अगस्त 1941 को हुआ।

 

मैंने एक महान कहानीकार की कुछ विश्व प्रसिद्ध कहानियों को आप सभी पाठकों तक पहुंचाने का एक छोटा सा प्रयास किया है। मैं उम्मीद करता हूं कि पाठक इन कहानियों के माध्यम से उस महान और अद्भुत कवि कहानीकार और भी अन्य गुणों से संपन्न गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर को याद अवश्य करेंगे।

 

रवीन्द्रनाथ टैगोर की कहानियाँ pdf की सूची

 

  • अंतिम प्यार
  • गूँगी
  • प्रेम का मूल्य
  • भिखारिन
  • नई रोशनी
  • काबुलीवाला
  • भाई भाई
  • कंचन 
  • उद्धार 
  • धन की भेंट 
  • खोया हुआ मोती 
  • कंकाल 
  • दीदी 
  • पत्नी का पत्र

description

G𝔲r𝔲dev ke naām se prāshidh Rāvindrā nāth tāgore ji vishvā vikhyāt hāi. Ve sāhity kālā jāgāt ki sābse bādi hāstiyo mein se ek the. Māā sārswāti ā𝔲r māā lāxmi ki 𝔲n pār vishesh ān𝔲kāmpā thi. 

G𝔲r𝔲dev Rāvindrā nāth tāgore ādvitiy Prātibhā ke dhāni the. Ve kāvi,nātāk kār, sāmāj sevi, m𝔲rtikār,chitrākār or bhi bāh𝔲t k𝔲ch the.

G𝔲r𝔲dev Rāvindrā nāth tāgore kā jānm 7 māy 1861 ko h𝔲ā thā.

māinne ek māhāān kāhāāneekāār kee k𝔲chh vishv prāsiddh kāhāāniyon ko āāp sābhee pāāthākon tāk pāh𝔲nchāāne kā ek chhotā sā prāyāās kiyā hāi māin 𝔲mmeed kārātā hoon ki pāāthāk in kāhāāniyon ke māādhyām se 𝔲s māhāān ā𝔲r ādbh𝔲t kāvi kāhāāneekāār ā𝔲r bhee āny g𝔲non se sāmpānn g𝔲r𝔲dev rāvindr nāāth tāigor ko yāād āvāshyā kārenge

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