माँ उपन्यास – हिंदी | PDF Free Download Maa Novel By Maxim Gorky

माँ उपन्यास – हिंदी | PDF Free Download Maa Novel By Maxim Gorky

माँ उपन्यास – हिंदी | PDF Free Download Maa Novel By Maxim Gorky

इस उपन्यास में लेखक ने बहुत ही बढ़िया ढंग से एक मां के उदाहरण से बड़ा ही सुन्दर रूसी आज़ादी का चित्रण किया है। लेखक ने बहुत से उदाहरणों के माध्यम से लोगों को उनके आज़ादी के महत्व को रेखांकित किया है। हमें ये खाली रूसी क्रांति के बारे में ही अवगत नहीं कराता बल्कि ये उपन्यास भारत के संदर्भ में भी जानकारी प्रदान करता हैं। आइए पढ़ते हैं इस उपन्यास के कुछ अंश और करते हैं इस बेहतरीन उपन्यास की छोटी सी समीक्षा:

इस दुनिया में कुछ ऐसे महान व्यक्तित्व होते हैं जिनके योगदान को हम कभी नहीं भूल सकते। जिस प्रकार भारत की पवित्र धरा पर मुंशी प्रेमचंद जी का आविर्भाव हुआ था उसी भांति रूस की धरती पर भी एक महान साहित्यकार मैक्सिम गोर्की का जन्म हुआ था। इनका जन्म 16 मार्च 1868 को हुआ था।

पुस्तक : माँ उपन्यास 

लेखक : मैक्सिम गोर्की

पुस्तक की भाषा : हिंदी 

पेज : 448

गोर्की का जन्म एक बेहद साधारण परिवार में हुआ था। इन्होंने अपनी पहचान स्वयं बनाई और इन्होंने रूस के महान साहित्यकार, उपन्यासकार, कहानीकार के रुप में ख्याति पाई। रूस में एक सड़क का नाम इनके सम्मान में गोर्की स्ट्रीट के नाम से रखा गया है।

रूस और भारत दोनो की सामाजिक व्यवस्था तकरीबन एक जैसी ही थी। कर्ज में दबा हुआ पिछड़ा गरीब व्यक्ती ही साहूकार पर निर्भर होने के मजबूर होता था। वो बेचारा व्यक्ती साहूकार के ऋण जाल में ऐसे फंसता था जैसे मकड़ी अपना जाला बुनती हैं।

मजदूर आदमी ब्याज के मकड़ जाल में फंसने के बाद साहूकार का कर्जा चुका ही नहीं पाता था और समय बीतने के साथ साथ साहूकार का मूल धन और उसपे लगने वाला ब्याज बढ़ता ही चला जाता था जिसके कारण मजदूर आदमी का घर खर्च चलना तो दुभर होता ही था एक वक्त का खाना उसको बड़ी ही मुश्किल से मुनासिब हो पाता था। दिन प्रतिदिन घर की हालत बद से बदतर होती जाती थी।

माँ उपन्यास – हिंदी

रूस में भारत के पहले 1917 में क्रांति आई पर भारत को अंग्रेजो से छुटकारा 1947 में मिला। रूस में जब औद्योगिक क्रांति हुई तो उसकी वजह से गरीब लोगों को साहूकारो के ऋण जाल से छुटकारा मिला।

अब लोग बाग फैक्ट्रियों में काम पर जाने लगे और एक सा वेतन पाने और सही सुविधा पाने के कारण इन मजदूरों को संगठित होने में मदद मिली और ये ही प्रमुख कारण था कि इन लोगों ने रूस में जारशाही की सत्ता को उखाड़ फेंक दिया था और रूस में फिर से एक बेहतर और आशापूर्ण जीविका के अवसर पैदा हुए थे।

मैक्सिम गोर्की के उपन्यास मां में उन्होंने एक बूढ़ी स्त्री का सुंदर चित्रण किया हैं जिसमें वो रूसी क्रांति का बिगुल बजा रहा है। इसमें मजदूरों का किस तरह शोषण किया गया और फिर कैसे मजदूर एक साथ संगठित हुए इसका भी चित्रण हमें देखने को मिलता हैं। इसमें रूसी क्रांति जो कि 1917 में हुई थी जेएस बखूबी चित्रण हमें देखने को मिलता हैं।

इस उपन्यास का ये ही मूल विषय रहा है कि लोग बाग अपने देश रूस की आजादी के संघर्ष को अपने भीतर आत्मसात करके प्रेरणा ले सके।

धन सम्पति का मनोविज्ञान – हिंदी PDF

PDF Free Download Maa Novel By Maxim Gorky

In this novel, the author has depicted Russian freedom very beautifully with the example of a mother in a very good way. The author has underlined the importance of their freedom to the people through many examples. This blank not only informs us about the Russian Revolution, but this novel also provides information about India. Let’s read some excerpts from this novel and do a small review of this great novel:

There are some great personalities in this world whose contributions we can never forget. Just as Munshi Premchand ji appeared on the holy land of India, in the same way a great litterateur Maxim Gorky was born on the soil of Russia. He was born on 16 March 1868.

Gorky was born into a very simple family. He made his own identity and he got famous as a great writer, novelist, and story writer in Russia. A street in Russia is named in his honor Gorky Street.

The social system of both Russia and India was almost the same. Only the backward poor person who was in debt was forced to depend on the moneylender. That poor person used to get caught in the debt trap of the moneylender like a spider weaving his own web.

The working man could not repay the loan of the moneylender after getting caught in the web of interest, and with the passage of time, the moneylender’s original money and the interest charged on it kept on increasing, due to which it would have been difficult for the laborer to run the household expenses. He could hardly afford one meal at a time. Day by day the condition of the house was getting worse and worse.

In Russia, India’s first revolution came in 1917, but India got rid of the British in 1947. When the Industrial Revolution took place in Russia, due to poor people got rid of the debt trap of moneylenders.

Now people started going to work in the garden factories and due to getting the same salary and getting the right facilities, these workers helped to get organized this was the main reason that these people had overthrown the tsarist power in Russia and Russia Opportunities for a better and more hopeful career arose in me again.

In Maxim Gorky’s novel Mother, she portrays an old woman in a beautiful way, playing the trumpeter of the Russian Revolution. In this, we get to see how the laborers were exploited and then how the workers got organized together. In this, we get to see the Russian Revolution which took place in 1917 JS very well.

This has been the basic theme of this novel that people can take inspiration by imbibing the freedom struggle of their country Russia within themselves.

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