धन सम्पति का मनोविज्ञान – हिंदी PDF। The Psychology of money By Morgan Housel In Hindi PDF Free Download

धन सम्पति का मनोविज्ञान – हिंदी  PDF। The Psychology of money By Morgan Housel In Hindi PDF Free Download

धन सम्पति का मनोविज्ञान – हिंदी  PDF। The Psychology of money By Morgan Housel In Hindi PDF Free Download

धन संपत्ति का मनोविज्ञान पुस्तक समीक्षा

दोस्तों क्या आपको पता है बहुत से लोगो के पास पैसा होने के बाद भी वो नोर्मल सी जिंदगी जीते है और वहीं कुछ लोग पैसा आने के बाद उसे तुरंत उड़ा देते है और फिर से गरीब वाली जिंदगी जीने लगते है। वही कुछ साधारण सीधे साधे लोग कम पैसे होने के बाद भी अच्छी लाइफ स्टाइल जी लेते है और आगे चलकर अच्छी वेल्थ क्रिएट कर लेते है।

धन संपत्ति का मनोविज्ञान किताब के लेखक मॉर्गन हाउजल है जिन्होंने बहुत सी अच्छी किताबे लिखी है। ये किताब इनकी बेस्टसेलर पुस्तक है।

दोस्तों मॉर्गन हाउजल की लिखी गई किताब The Psychology of Money Book में कुछ ऐसी ही बाते बताई गई हैं जिनसे हम बहुत कुछ सीख सकते है कि आखिर हम पैसे का प्रबंध यानी मैनेजमेंट कैसे करे और उसे  कैसे, कहां और कब इन्वेस्ट करे? तो आइये पढ़ते हैं इस शानदार किताब में लिखी असाधारण मूल्यवान बातों को :

कोई भी मूर्ख नहीं है

लेखक कहते हैं हर किसी की धन के बारे में सोच और उनका व्यव्हार अलगअलग होता है। किसी को सेविंग करना अच्छा लगता हैं जैसे एफडी या आरडी करवाता हैं तो वहीं किसी को शेयर मार्केट में या फिर म्यूचुअल फंड में पैसे इन्वेस्ट करने में मजा आता है। आज के कलियुग में हर किसी की धन को संचित करने के प्रति अलग अलग सोच और परिभाषा है।

गरीबी में पला बढ़ा इंसान कहीं भी पैसे इन्वेस्ट करने से पहले 100 बार सोचता हैं जबकि एक बड़े बाप की औलाद ऐसा कदापि नहीं सोचती।

पुस्तक : धन सम्पति का मनोविज्ञान

लेखक : मॉर्गन होउसेल

पुस्तक की भाषा : हिन्दी

पेज : 181

अतः कह सकते हैं कि हरेक व्यक्ती जैसे माहौल में पला बढ़ा होता हैं उसकी थिंकिंग भी वैसे ही बन जाती हैं।

आगे लेखक कहते हैं कि जरूरी नहीं हैं कि आपने जो पैसे के प्रति जो डिसीजन लिया है वो हमको सही लगे वो सामने वाले को मूर्ख डिसीजन भी लग सकता है इसलिए जरूरी हैं कि संबंधित व्यक्ती से उचित राय ले ली जाय।

भाग्य और जोखिम

भाग्य और जोखिम दोनों आपस में भाई–भाई हैं। ये दोनों इसका प्रमाण है कि जीवन में हर नतीजा व्यक्तिगत प्रयास का ही नतीजा नहीं होता बल्कि अन्य ताकतों पर भी वह निर्भर करता है।

लेखक कहते है कि कुछ लोग ऐसे होते है जो काफी भाग्यशाली होते है। जैसे किसी का अमीर आदमी के घर पैदा होना लेकिन ऐसा सभी लोगों के साथ कदापि नहीं होता इसलिए इंसान को कभी भी अमीर बनने के लिए या कहें की जीवन में सफल बनने के लिए कभी भी भाग्य यानी लक के भरोसे कभी भी नहीं बैठना चाहिए।

रिस्क लेना अमीर बनने का दूसरा चरण हैं। कुछ लोग तो ऐसे होते हैं जो रिस्क बिलकुल भी लेना ही नहीं चाहते। वो बंदे अपने को नौकरी में ही झोक देना चाहते हैं उनका एकमात्र कम्फर्ट जॉन नौकरी ही है। वो इस कम्फर्ट जॉन से बाहर निकलना ही नहीं चाहते। अमीर बनने के लिए रिस्क तो लेना ही पड़ेगा और अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर ही ये संभव हो सकेगा।

धनवान बनना बनाम धनवान बने रहना

ज्यादतर लोग बाग ऐसे होते हैं जिनके पास ढेर सारा पैसा आने के बाद भी वो इसको सही से मेंटेन करके नहीं रख पाते और नतीजतन फिर से बुरी हालत पर पुनः आ जाते हैं। ऐसा एक ही वजह है होता हैं और वो हैं मैनेजमेंट की कमी।

वो कहते हैं ना ज्ञान बाटने से बढ़ता है और पैसा सही जगह इन्वेसमेंट करने से बढ़ता है। दोस्तों आज के इस कलियुग में इंसान पैसे से पैसे कमा रहा है। इसलिए हमें मनी मैनेजमेंट अच्छे से करना आना चाहिए।

निष्कर्ष

हाउजल की ये किताब हमें मनी मैनेजमेंट की प्रॉपर जानकारी उपलब्ध करवाती है। इसमें बताया गया है कि हर व्यक्ति का धन के प्रति अपना अपना रवैया होता है। हरेक व्यक्ती अपनी सोच समझ के हिसाब से ही धन के साथ व्यवहार करते है और यही कारण है कि बहुत से पैसे वाले लोग पैसा जल्दी गँवा देते है और जबकि कुछ लोग थोड़े पैसो से ही जल्दी अमीर बनने लग जाते है। अगर आप भी कामयाब होना चाहते है और धन के बारे में सीखना चाहते  हैं तो आपको ये किताब अवश्य ही पढनी चाहिए ।

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