अपनी सोच से अमीर बनिए – हिंदी PDF।Think and Grow Rich By Nepolian Hill In Hindi PDF Free Download

अपनी सोच से अमीर बनिए

अपनी सोच से अमीर बनिए (Think And Grow Rich) नेपोलियन हिल की सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों में से एक पुस्तक है। इस पुस्तक को पढ़ने के बाद लाभ लाखों लोग अपने जीवन में सफल बने हैं। हमको भी प्रयास करना चाहिए कि हम इस किताब को एक बार अवश्य पढ़े और अपने जीवन को समृद्ध बनाने की कोशिश करें।

पुस्तक : अपनी सोच से अमीर बनिए

लेखक : नेपोलियन हिल

पुस्तक की भाषा : हिंदी

पेज : 159

यह पुस्तक आत्मसुधार और व्यक्तिगत हम कैसे सफल हो सकते हैं और हम कैसे एक आर्थिक स्वतंत्रता को प्राप्त कर सकते हैं ऐसी सैकड़ों सकारात्मक पॉजिटिव बातों का समावेश इस पुस्तक में किया गया है।

ये पुस्तक एंड्रू कारनेगी की प्रेरणा से लिखी गई हैं।

अमेरिकी लेखक नेपोलियन हिल द्वारा लिखी गई पुस्तक Think and Grow Rich दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाली पुस्तक में से एक है। नेपोलियन हिल ने अपनी 20 सालों के अति कठोर परिश्रम के बाद इस पुस्तक को लिखा था। यह पुस्तक हमें Financial Freedom दिलाने में सहायता करती है। वैसे तो नेपोलियन हिल ने finance और success पर ढेर सी किताबे लिखी है परंतु 1937 में आई उनकी यह किताब सोचिए और अमीर बनिए जिससे उन्हें काफी famous मिली। वे इस पुस्तक में हमें धन के ब्लूप्रिंट के बारे में समझाती है।

अपनी सोच से अमीर बनिए In Hindi PDF पुस्तक का विवरण :

अपनी सोच से अमीर बनिए – हिंदी दोस्तों सोचिए और अमीर बनिए किताब में लेखक नेपोलियन हिल ने हमें बहुत से चैप्टर्स के माध्यम से पैसो के बारे में बहुत ही सरल तरीके से समझाने की कोशिश करी है। किताब के कुछ मुख्य चैप्टर्स इस प्रकार है –

  1.  इच्छा

इस पुस्तक में नेपोलियन हिल बताते है कि हम अपनी सोच से वो सब कुछ पा सकते हैं जो पाना चाहते हैं। इस पुस्तक में लेखक अपनी एक सच्ची कहानी सुनाता है जिसमें वो बताता है कि उसके बच्चे के जन्म से ही कान नहीं थे और इस कारण वह सुन नहीं सकता था। डॉक्टरो ने भी सीधा मना कर दिया की वह अब कभी सुन नहीं सकेगा।

परंतु लेखक और उसकी पत्नी की यह तीव्र इच्छा थी कि उसका बेटा सही से सुने। उन्होंने अपनी इस प्रबल इच्छा के दम पर कुछ ही वर्षों में ऐसा करके दिखाया कि वह बच्चा सुनने लगा।

नेपोलियन हिल कहते है – “हमारे दिमाग की कोई सीमा नहीं हैं। गरीबी और अमीरी दोनों ही हमारे द्वारा विचारो की ही उपज है।”

  1. विचार ही वस्तु है

जैसा हम सोचते हैं वैसे हम बन जाते हैं। हम जो भी इस दुनिया में हैं वो हम अपने विचारों से ही है। इस किताब में बताया गया है कि कैसे एक साधारण सा व्यक्ति एडविन सी बार्न्स अपने विचार से बल्ब अविष्कारक एडिसन का बिज़नेस पार्टनर बनने में कामयाब होता है। यह सब एक दिन का खेल नहीं था यह सब हुआ तो एडविन की सोच और दृढ इच्छा शक्ति के कारण।

लेखक कहते है – “जो हमारा दिमाग सोचता हैं, जिसमे विश्वास करता है वह उसे हासिल भी कर लेता है।”

  1. निर्णय

अपनी सोच से अमीर बनिए – हिंदी इस अध्याय में लेखक ने हमें बताया है कि अगर हम अपनी टालमटोल की आदत पर विजय पाना चाहते है तो हमें अपने निर्णयों पर कायम रहना होगा। हमें अपने लक्ष्य को पाने में जो भी फैसले लेने है वह खुद से ही लेने होंगे।

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