अपनी ताकत को पहचानो – हिंदी PDF, Apni Takat Ko Pahchano In Hindi-PDF Free Download

अपनी ताकत को पहचानो

 लेखक: अमित कुमार

मोटिवेशन एंड इंस्पिरेशन e book

 (अपनी ताकत को पहचानो ) Apni Takat Ko Pahchano यह एक छोटी सी e book है।जिसमे लेखक ने कुछ मूलभूत तथ्यों पर जोर दिया है,जो सर्वविदित है ,फिर भी बहुत कम लोग ही अपने निजी जीवन के दौरान प्रयोग में लाते है ।

जैसे की निरंतरता,किसी कार्य को भलीभाती सोचना फिर करना , खुद के ऊपर विश्वास बनाए रखना ,लोगो के बहकावे से खुद की ऊर्जा को बचाए रखना आदि ।

इसको चार छोटे पार्ट्स में बांट कर लिखा गया है ।जिसमे कुछ छोटी छोटी कहानियां शामिल की गई है जो अंत में एक महत्व पूर्ण निष्कर्ष देती है ।

पुस्तक : अपनी ताकत को पहचानो 

लेखक : अमित कुमार 

 पुस्तक की भाषा : हिंदी

पेज : 10 

  • अवधारणा

यानी की पहले से ही कोई धारणा बना लेना और उसी के मुताबिक कार्य को संपादित करना।

कुछ इसी तरह पूर्वाग्रह भी होता है ।हम पहले से किसी कार्य व्यक्ति जगह के बारे में अपना एक माइंडसेट बना लेते हैं।

अपनी ताकत को पहचानो – हिंदी जैसे की बचपन में हाथी के बच्चे को एक पतली से रस्सी से बांध दिया जाता है। उस वक्त तो वह उसे  बार बार काफी प्रयास के बावजूद भी नही तोड़ पता है तब उसके मन में यह बात बैठ जाती है की वह रस्सी को नही तोड़ पाएगा।फिर वह बड़े होने पर भी उसी तरह की रस्सियों से बांध दिया जाता है तब वह उन्हें तोड़ने का प्रयास नही करता यद्यपि वह तक काफी बलशाली हो चुका रहता है। उसके मन में यह बात बैठ जाती है की वह रस्सियां उससे ज्यादा मजबूत है। वही अगर कोई उस हाथी को बता दे कि वह कितना बलशाली है तब देखिए आप।

 (अपनी ताकत को पहचानो ) Apni Takat Ko Pahchano हर व्यक्ति किसी न किसी तरह के धर्म,जात- पात, जगह, संसाधनों के तमाम अवधारणाओं से ग्रसित है। उसमे किसी विशेष पहलु को लेकर एक विशेष धारणा होती है।जो उसे कई बार आगे बढ़ने में बाधा के रूप में सामने आती है ।

  • जैसा हम सोचते है वैसा ही हम बन जाते है ।

इस बात के दो पक्ष हो सकते है ,

पहला अभी तक हमने सुना है की ये सोचना बंद करो ।मेहनत करो मेहनत ।तब जा कर के कुछ होगा ।

अगर आप सोच कर कुछ काम करते हैं तो आप सही हैं। वही अगर आप बिना कुछ सोचे कार्य करते हैं, तो लेखक नजर में आप पागल हैं। क्योंकि वही बिना पूछे कोई कार्य करता है, वह बिना सोचे ही कहीं भी चला जाता है, कुछ भी खा लेता है, कुछ भी पहन लेता है इत्यादि।

अपनी ताकत को पहचानो – हिंदी Know your strength – Hindi

If you think and do some work then you are right. Similarly, if you act without thinking, then you are mad in the eyes of the author. Because he does any work without asking, he goes anywhere without thinking, eats anything, wears anything, etc.

  (अपनी ताकत को पहचानो ) Apni Takat Ko Pahchano यहां तक की हम कुछ बोलने से पहले कई बार सोचते हैं। हम बचपन से ही इसके आदी हो चुके हैं। इसलिए हमें आभास नहीं होता कि हमने बोलने से पहले कुछ सोचा भी है।

 उदाहरण के लिए जैसे,

 अपनी ताकत को पहचानो – हिंदी हम अपनी मातृभाषा के अलावा किसी अन्य भाषा में बोलते हैं। तब सबसे पहले हम अपने दिमाग में अपनी मातृभाषा में विचारों को उस  अन्य भाषा में पहले अनुवाद करते हैं तब उसे बोलते हैं,किसी अन्य के सम्मुख। क्योंकि हम उस अन्य भाषा में शुरू से ही अभ्यस्त नहीं रहे होते हैं।

 अतः हमें सोचना पड़ेगा तभी हम एक्शन ले पाएंगे।

दूसरा पक्ष , हम यह सोच सकते है की अब तो बात बन गई हम सिर्फ सोच लेंगे और हमारा काम सिद्ध हो जाएगा ,क्योंकि जो सोचेंगे वैसा ही हम बन जायेगे,भला मेहनत करने की क्या जरूरत ।

केवल सोचने मात्र से बात नहीं बनेगी। हमें उसे एक्शन में लाना पड़ेगा। जैसे: अगर हमें भूख लगी है, तो हमें कुछ खाना पड़ेगा। केवल मात्र खाने के बारे में सोचने से हमारी भूख शांत नहीं होगी। इसीलिए सोचिए और उसे एक्शन में लाइए।

अपनी ताकत को पहचानो – हिंदी जो आप करना चाहते हैं बस उसे करने में लग जाइए। जो आप बनने या करने की सोचते हैं,उसे एक्शन में लाइए फिर आपके सपने और आपकी सोच हकीकत होंगे।

भगवान कहते हैं कर्म करने वाले हैं कि अपने आप मदद हो जाती है वह खुद ही अपनी मदद कर लेता है मगर कर्म नहीं करने वाले कि मैं चाह कर भी मदद नहीं कर सकता मदद करके भी मदद नहीं कर सकता ।”

“God says that those who do karma get help themselves, they help themselves, but those who do not do karma that I can’t help even if I want to, can’t help even by helping.”

  • तू यह नहीं कर सकता

तेरे बस का नहीं है! “

 “तू यह नहीं कर पाएगा!”

अक्सर हम ऐसी बातों से दो-चार होते रहते हैं। लोग हमें असफलता का डर दिखा कर हमें अपने कार्यों से हटाने का प्रयास करते हैं। हमें लोगों की बातों को अनसुना करके जिस भी काम में रुचि है,हम अच्छा कर रहे हो, हमें अच्छा लग रहा हो, खुशी मिल रही हो ,उसमें दुनिया की कोई भी ताकत नहीं है जो हमें आगे बढ़ने से रोके।

Often we keep getting confused by such things. People try to remove us from our actions by showing us the fear of failure. We are doing well in whatever work we are interested in by ignoring people’s words, we are feeling good, we are getting happiness, there is no power in the world that can stop us from moving forward.

!! अच्छा सोचिए बडा़ सोचिए !!

  • निरंतरता

अक्सर लोग निरंतरता की ताकत नहीं पहचान पाते हैं। अक्सर व्यक्ति एक ही दिन में अचानक एक साथ सब कुछ प्राप्त कर लेना चाहता है। वह थोड़ा-थोड़ा परिश्रम करने से बचने का प्रयास करता है।

 अक्सर विद्यार्थी एक ही रात में  पढ़कर पूरी परीक्षा में अव्वल आना चाहते हैं।जिससे वे एक साथ काफी दबाव ले लेते हैं।जिससे वे शीघ्र ही तनाव, थकान, अनिद्रा, नकारात्मकता जैसी समस्याओं से गिर जाते हैं।उनका एकाग्र टूट जाता है।अकेला महसूस करने लग जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ अगर बस थोड़ा-थोड़ा करके लगातार प्रयास करें तो काफी बेहतर रिजल्ट मिलेगा।

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